Saturday, December 19, 2009

चौराहा

रोज मिलता है मुस्कराता है! मैँ नहीँ वह मुझसे दूर जाता है!! (मेरा चौराहा) फिर मिलेँगे यार नियत समय पर! कह कर अपने ठौर जाता है!! (मेरा चौराहा) !! आज आया वो नही क्यूँ यह सोचकर! दिल मेरा बैठ जाता है !! (मेरा चौराहा) यूँ मिलेँगे ये कहेँगे कल उससे! सोचकर कल बीत जाता है!!(मेरा चौराहा)

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